Essay On Hamare Tyohar In Hindi

भारतीय त्यौहार


भारत को अगर पर्व और त्यौहारों का देश कहा जाए तो गलत न होगा। जितने त्यौहार इस देश में मनाये जाते हैं, शायद ही किसी और देश में मनाये जाते होंगे। यहाँ अनेकता में एकता की झलक खासतौर पर त्यौहारों के मौकों पर ही देखने को मिलती है। पर्व और त्यौहारों का सिलसिला यहाँ वर्ष भर जारी रहता है। भारत में मनाये जाने वाले त्यौहारों की लम्बी सूची है, जिसमें से प्रमुख त्यौहार निम्न हैं:

होली: 'होली' हिन्दुओं का प्रसिद्द पर्व है। यह प्रतिवर्ष फाल्गुन माह क़ी पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसे रंगों के त्यौहार के रूप में मनाते हैं। इस दिन लकड़ी क़ी होलिका बनाकर जलाया जाता है तथा प्रातःकाल रंग-बिरंगे विभिन्न रंगों से एक दुसरे को रंग कर रंगों का त्यौहार मनाते हैं। आगे पढ़ें...

दीपावली: 'दीवाली' हिन्दुओं का प्रसिद्ध त्यौहार है। दीवाली को 'दीपावली' भी कहते हैं। 'दीपावली' का अर्थ होता है - 'दीपों की माला या कड़ी'। दीवाली प्रकाश का त्यौहार है। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है। दीवाली में लगभग सभी घर एवं रास्ते दीपक एवं प्रकाश से रोशन किये जाते हैं। आगे पढ़ें...

दशहरा: 'दशहरा' हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। इस दिन भगवान श्री राम ने लंकापति रावण को मारकर विजय प्राप्त करी थी। इस दिन असत्य पर सत्य क़ी जीत हुई थी। इसे 'विजय दशमी' भी कहते हैं। श्री राम क़ी लंका पर विजय के उपलक्ष्य में अयोध्या में खुशियाँ मनाई गयीं। आगे पढ़ें...

महाशिवरात्रि: 'महाशिवरात्रि' हिन्दुओं का प्रसिद्ध त्यौहार है। यह फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष क़ी त्रयोदशी को मनाया जाता है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव क़ी पूजा - अर्चना क़ी जाती है। भक्तगण व्रत रहकर भगवान शिव का ध्यान करते हैं तथा जल, दूध एवं फूल इत्यादि चढ़ाते हैं। आगे पढ़ें...

जन्माष्टमी: 'श्रीकृष्ण जन्माष्टमी' हिन्दुओं का एक प्रसिद्द त्यौहार है। यह त्यौहार हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इसे भगवान् श्री कृष्ण के जन्म दिन के रूप में मनाते हैं। जन्माष्टमी को गोकुलाष्टमी, कृष्णाष्टमी, श्रीजयंती के नाम से भी जाना जाता है। महाराष्ट्र में जन्माष्टमी दही हांडी के लिए विख्यात है। जन्माष्टमी पर कृष्ण मंदिरों में भव्य समारोह किये जाते हैं। आगे पढ़ें...

रक्षा बंधन: 'रक्षा बंधन' हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। इसे 'राखी' का त्यौहार भी कहते हैं। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह सम्पूर्ण भारतवर्ष में अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं बल्कि हमारी परंपराओं का प्रतीक है। हमारे देश में इसका बड़ा महत्त्व है। आगे पढ़ें...

रामनवमी: 'रामनवमी' हिन्दुओं का प्रसिद्द पर्व है। यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष क़ी नवमी को मनाया जाता है। इस दिन को भगवान श्री राम के जन्मदिन के रूप में मानते हैं। रामनवमी के दिन जगह-जगह घरों और मंदिरों में श्री राम क़ी पूजा-अर्चना क़ी जाती है और झांकियां सजाई जाती हैं। आगे पढ़ें...

मकर संक्रांति: 'मकर संक्रान्ति' हिंदुओं का एक प्रसिद्द त्यौहार है। यह भारत के कई हिस्सों में और भी कुछ अन्य भागों में मनाया जाता है। मकर संक्रान्ति आम तौर पर हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह त्यौहार उन कुछ चुने हुए भारतीय हिंदू त्यौहारों में से एक है जो निश्चित तिथि को मनाये जाते हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस त्यौहार को मनाया जाता है। आगे पढ़ें...

नाग पंचमी: 'नाग पंचमी' हिंदुओं का एक प्रसिद्ध त्यौहार है। यह हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण माह में शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन (पंचमी) मनाया जाता है। यह पूरे भारत भर में मनाया जाता है। यह आम तौर पर आधुनिक कैलेंडर के अनुसार जुलाई या अगस्त के महीने में पड़ता है। नाग पंचमी के त्यौहार के उत्सव के पीछे कई कहानियाँ हैं। सबसे लोकप्रिय कथा भगवान कृष्ण के बारे में है। आगे पढ़ें...

बसंत पंचमी: 'बसंत पंचमी' हिंदुओं का एक प्रसिद्द त्यौहार है। इसे 'श्रीपंचमी' भी कहते हैं। यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार यह त्यौहार माघ महीने के पांचवें दिन (पंचमी) पर हर साल मनाया जाता है। बसंत पंचमी, ज्ञान, संगीत और कला की देवी, 'सरस्वती' की पूजा का त्यौहार है। आगे पढ़ें...

करवा चौथ: 'करवा चौथ' का त्यौहार हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। यह हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन को 'गणेश चतुर्थी' भी कहते हैं। करवा चौथ का व्रत स्त्रियों द्वारा सौभाग्य, सुख व संतान के लिए रखा जाता है। यह सम्पूर्ण भारत में हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जाता है। आगे पढ़ें...

ईद: 'ईद-उल-फितर' या 'ईद' मुसलमानों के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह त्योहार दुनिया भर के मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है। यह त्योहार भारत सहित पूरी दुनिया में बहुत ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। ईद का त्योहार रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाता है। मुसलमानों के लिए रमजान के दिनों का बहुत महत्त्व है। इस दौरान वे दिन भर पूर्ण उपवास रखते हैं। आगे पढ़ें...

बकरीद: 'बकरीद' मुसलमानों का एक प्रसिद्द त्यौहार है। इसे 'ईद-उल-ज़ुहा' अथवा 'ईद-उल-अज़हा' के नाम से भी जानते हैं। यह बलिदान का पर्व है। यह हर साल मुस्लिम माह जुल-हिज्जा के दसवें दिन मनाया जाता है। माना जाता है कि पैगंबर हज़रत इब्राहीम को ईश्वर की ओर से हुक्म आया कि वह अपनी सबसे अधिक प्यारी वस्तु की कुर्बानी दे। आगे पढ़ें...

क्रिसमस: 'क्रिसमस' ईसाइयों का प्रसिद्द त्यौहार है। यह 25 दिसंबर को प्रति वर्ष सम्पूर्ण विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। क्रिसमस का त्योहार ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह ईसाइयों का सबसे बड़ा और खुशी का त्यौहार है। इसे 'बड़ा दिन' भी कहा जाता है। क्रिसमस के त्यौहार की तैयारियां पहले से होने लगती हैं। क्रिसमस के दिन घरों की सफाई की जाती है एवं ईसाई लोग अपने घर को भलीभांति सजाते हैं। आगे पढ़ें...

गुड फ्राइडे: 'गुड फ्राइडे' ईसाइयों का एक प्रसिद्ध त्यौहार है। यह सामान्यतया 20 मार्च से 23 अप्रैल के मध्य ईस्टर संडे के ठीक पहले पड़ने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है। इसे होली फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कह्ते हैँ। यह त्यौहार प्रभु यीशु के निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार यीशु मसीह का जन्म इजराइल के एक गांव बैथलहम में हुआ था। आगे पढ़ें...

लोहड़ी: 'लोहड़ी' पंजाबी लोगों का एक प्रसिद्द त्यौहार है। यह सम्पूर्ण भारत में विशेष रूप से उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू राज्य में मनाया जाता है। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पौष या माघ के महीने में पड़ता है जो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार सामान्यतया जनवरी के 13वें दिन मनाया जाता है। लोहड़ी पौष के अंतिम दिन, सूर्यास्त के बाद मनाया जाता है। आगे पढ़ें...

पोंगल: 'पोंगल' दक्षिण भारत, मुख्य रूप से तमिलनाडु के सबसे लोकप्रिय व प्रमुख त्यौहारों में से एक है। पोंगल शब्द के दो अर्थ हैं। पहला यह कि इस दिन सूर्य देव को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है वह पोंगल कहलाता है। दूसरा यह कि तमिल भाषा में पोंगल का एक अन्य अर्थ निकलता है अच्छी तरह उबालना। पोंगल एक फसली त्योहार है। यह त्यौहार हर साल जनवरी के मध्य में पड़ता है। पारम्परिक रूप से पोंगल सम्पन्नता को समर्पित त्यौहार है। आगे पढ़ें...

ओणम: 'ओणम' केरलवासियों का प्रमुख पर्व है। यह त्यौहार अगस्त-सितम्बर के महीनों में मनाया जाता है। यह प्रीतिभोज, नाच-गान और खुशियाँ मनाने का त्यौहार है। यह त्यौहार राजा महाबली के सम्मान में मनाया जाता है। ओणम का त्यौहार श्रावण मॉस में पूरे दस दिन बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। हरे-भरे खेतों का दृश्य इस पर्व के मनाने में विशेष योगदान देता है। आगे पढ़ें...

बैसाखी: 'बैसाखी' को 'वैसाखी' के नाम से भी जाना जाता है। बैसाखी प्रायः प्रति वर्ष 13 अप्रैल को मनायी जाती है किन्तु कभी-कभी यह 14 अप्रैल को पड़ती है। बैसाखी का त्यौहार एक मौसमी त्यौहार है। यह सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है किन्तु पंजाब एवं हरियाणा में इसका विशेष महत्त्व है। यह त्यौहार सभी धर्मों एवं जातियों के द्वारा मनाया जाता है। बैसाखी मुख्यतः कृषि पर्व है। यह त्यौहार फसल कटाई के आगमन के रूप में मनाया जाता है। आगे पढ़ें...

बुद्ध पूर्णिमा: 'बुद्ध पूर्णिमा', बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे बड़ा त्यौहार होता है। इसको 'बुद्ध जयंती' के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। इसीलिये इसे 'वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह गौतम बुद्ध की जयंती है। भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण ये तीनों एक ही दिन अर्थात वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुए थे। आगे पढ़ें...

महावीर जयंती: 'महावीर जयंती' जैन सम्प्रदाय का प्रसिद्द त्यौहार है। महावीर जयंती भगवान महावीर के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। भगवान महावीर अंतिम तीर्थंकर थे। यह त्यौहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्च- अप्रैल के महीने में पड़ता है। महावीर का जन्म राजघराने में हुआ था। उनके पिता का नाम राजा सिद्धार्थ एवं माता का नाम रानी त्रिसला था। आगे पढ़ें... 

भारतीय के  राष्ट्रीय पर्व | Indian National Festivals in hindi

हमारा भारत देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है, यहाँ सारे तीज त्यौहार को सभी जाति धर्म के लोग मिल जुलकर बड़े धूमधाम से मनाते है. राखी, दिवाली, दशहरा, ईद, क्रिसमस और भी अनेको त्यौहार को सभी लोग साथ में मनाते है. भारत देश में त्योहारों की कमी नहीं है, धर्म जाति के हिसाब से सबके अलग अलग त्यौहार है. लेकिन कुछ ऐसे भी त्यौहार है, जो किसी जाति विशेष के नहीं है, बल्कि हमारे राष्ट्र के है, जिसे हम राष्ट्री पर्व कहते है.

भारतीय के राष्ट्रीय पर्व  ( Indian national festivals in hindi)

1947 से देश की आजादी के बाद ये राष्ट्रीय पर्व हमारे जीवन का हिस्सा बन गए, तब से लेकर अब तक हम इन्हें बड़े ही हर्षोल्लास से मनाते है. ये पर्व हमारी राष्ट्रीय एकता को दर्शाते है. भारत के प्रमुख राष्ट्रीय पर्व –

ये नेशनल पर्व है, साथ ही ये नेशनल हॉलिडे भी है. इसके अलावा टीचर्स डे, चिल्ड्रन डे भी नेशनल हॉलिडे है, ये हमारे देश के महान स्वतंत्रता संग्रामी की याद में मनाये जाते है. इसके अलावा सरदार वल्लभभाई पटेल, भगत सिंहव्भीमराव अम्बेडकरजैसे महान स्वतंत्रता संग्रामी व् नेताओं को विशेष दिन श्रधांजलि दी जाती है. ये त्यौहार देश को प्रेम व् एकता का सन्देश देते है. भारत में राष्ट्रीय त्योहारों को विशेष रूप से मनाया जाता है, इसलिए ये उन्हें बाकि त्योहारों से अलग करता है. सरकार इन पर्व को मनाने के लिए विशेष तौर पर तैयारी करती है, पूरे देश  को एक दुल्हन की तरह सजाया जाता है. तरह तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है.

स्वतंत्रता दिवस व् गणतंत्र दिवस को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है. ये हमारे देश के विशिष्ठ त्योहारों में से एक है. इस दिन हर राज्य, जिले, व् सरकारी भवनों में तिरंगा झंडा फ़हराया जाता है.  सभी सरकारी दफ्तर, संस्थान व् शैक्षिक संसथान में विशेष रूप से कार्यक्रमों का आयोजन होता है, व् सभी जगह इसे एक समान रूप में मनाया जाता है. भारत की राजधानी दिल्ली में विशेष रूप से कार्यक्रम आयोजित होते है, हमारे देश की सैन्य शक्ति का भी प्रदर्शन किया जाता है. इस दिन पुरुस्कार व् सम्मान समारोह भी आयोजित होते है, जिसमें देश के लिए अद्भुत काम करने वालों को सम्मानित किया जाता है. देश की जनता एक दुसरे को मेसेज, कार्ड देकर इस दिन बधाई देती है.

स्वतंत्रता दिवस (Independence day) –

1947 को भारत देश को ब्रिटिश शासन से 200 सालों बाद स्वतंत्रता मिली थी. जिसे हम हर साल सेलिब्रेट करते है. हर साल 15 अगस्त को हमारे देश की स्वतंत्रता को पुरे जोश के साथ मनाया जाता है. ये हर एक भारतीय के लिए आनंदमय दिन होता है, इस दिन सभों को देश के लिए जान देने वाले शहीदों की याद आती है, सब उन्हें श्रधांजलि देते है. इस दिन प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले में झंडा फहराते है, सभी मुख्यमंत्री अपने अपने प्रदेश में, व् और बड़े नेता किसी न किसी जिले में हमारे देश की शान तिरंगे झंडे को फहराते है. लाल किले  से प्रधानमंत्री जी देश के नाम भाषण भी देते है. प्रधानमंत्री जी देश में हुए विकास व् आने वाले समय की नयी योजनाओं के बारे में बात करते है. झंडा बंधन के बाद राष्ट्रगान भी गाया जाता है. प्रधानमंत्री देश की सेना को सलामी देते है.

स्कूल, कॉलेज में भी इस दिन के लिए पहले से तैयारियां शुरू हो जाती है. नाच गाने, भाषण के साथ इस दिन को मनाया जाता है. जिसके बाद पुरुस्कार वितरण भी होता है. अलग अलग शैक्षिक संस्थान के अलावा, जिले में इसे एक साथ भी मनाया जाता है, जहाँ सारे स्कूल, कॉलेज के बच्चे भाग लेते है. यहाँ डांस, पीटी, परेड, भाषण, गाने का प्रोग्राम होता है. साथ में इस दिन के कुछ दिन पूर्व से तरह तरह के खेल, वाद-विवाद, फेस पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है. इन सभी गतिविधियों से देश के नागरिक की एकता और मजबूत होती है. टीवी, रेडियो पर इस दिन स्वतंत्रता से जुड़े कार्यक्रम आते है, फ़िल्में गाने के अलावा किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बताया जाता है.

गणतंत्र दिवस (Republic day)

26 जनवरी 1950 को भारत देश का स्वतंत्र संविधान लागु हुआ था. जिसके बाद से हर साल 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है. इस दिन प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर देश के सभी शहीदों को श्रध्दा सुमन अर्पित करते है. इस दिन का भारत के हर एक नागरिक के जीवन में विशेष महत्त्व है, इस दिन भारत सम्पूर्ण गणराज्य बन गया था. देश को अपनी सरकार चलाने का हक मिला था. गणतंत्र दिवस के मौके पर भी स्वतंत्रता दिवस जैसी तैयारी होती है, हर जगह झंडा बंधन होता है, राष्ट्रगान फिर भाषण. दिल्ली के राजपथ पर इसकी विशेष तयारी होती है. दिल्ली के स्कूली बच्चों के द्वारा स्पेशल फोल्क डांस तैयार किया जाता है, साथ ही इस दिन एक विशेष तयारी होती है. इस दिन देश के सभी राज्य, मंत्रालय द्वारा राजपथ पर विशेष झाकियां निकाली जाती है. ये झांकी किसी भी विषय पर बनाई जाती है. इस दिन भारत में गेस्ट के रूप में विदेश से किसी नेता को बुलाया जाता है. नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उसके पहले गणतंत्र दिवस पर 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को बुलाया गया था. राजपथ पर ये प्रोग्राम 2 घंटे के लगभग चलता है.

इसी दिन शोर्य व् वीरता के पुरुस्कार भी वितरित किये जाते है, पद्म भूषण, विभूषण, भारत रत्न जैसे विशेष सम्मान के लिए नामों का नामांकन भी इसी दिन होता है. देश के हर जिले में इसे मनाते है, वहां भी अलग अलग झाकियां निकाली जाती है, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है. राज्य के गवर्नर सेना की परेड को सलामी देते है.

गाँधी जयंती (Gandhi Jayanti)-

हमारे देश के राष्ट्रपिता ‘मोहनदास करमचन्द गाँधी’ जी के जन्म दिन 2 अक्टूबर को गाँधी जयंती के रूप में समस्त भारत में मनाया जाता है. महात्मा गाँधी ने अपने कठिन प्रयासों से भारत देश को आजादी दिलाई थी. अहिंसावादी गाँधी जी देश के लिए जान देने को तैयार थे, उन्हें बस देश की आजादी प्यारी थी. राष्ट्रीय पर्व में इसका भी महत्वपूर्ण स्थान है. इस दिन को स्वतंत्रता दिवस व् गणतंत्र दिवस जैसे बड़े तौर पर नहीं मनाया जाता है, लेकिन यह दिन हर भारतीय को शांति व् भाईचारे का सन्देश देता है. गाँधी जी सत्याग्रह व् अहिंसा के साथ हमेशा खड़े रहे है, उन्होंने अपने मूल्यों पर चलकर देश को आजादी दिलाई थी. इस दिन सरकारी, व् शैक्षिक संसथान पर गाँधी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किये जाते है, उनके बारे में गीत भाषण का आयोजन होता है.

इस दिन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व् देश का हर एक बड़ा नेता गाँधी जी के समाधी स्थल राजघाट में जाता है और महात्मा गाँधी को श्रधांजलि देते है, यहाँ विशेष प्राथना सभा का भी आयोजन किया जाता है. साथ ही गाँधी जी के जीवन पर आधारित भाषण, वाद-विवाद, पेंटिंग, निबंध, क्रिएटिव राइटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है. इससे बच्चे गाँधी जी को और करीब से जान पाते है. 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गाँधी जयंती पर ही ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का  शुभारम्भ किया था.

उपर बताये गए दिनों के अलावा कुछ और यादगार दिन भी है, जैसे लाला लाजपत राय, रानी लक्ष्मी बाई, सुभाषचंद्र बोस आदि ये वे सभी लोग है, जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. इन्होने देश को आजाद करना अपना पहला कर्तव्य समझा. ये सभी दिनों को छोटे तौर पर मनाया जाता है. राष्ट्रीय तौर पर यही त्यौहार हमारे देश को एकिकृत करते है, जहाँ कोई जाति, धर्म, समाज हमें इन त्यौहारों को ना मनाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता.

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Vibhuti

विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|

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